Wednesday, July 8, 2015

Daydream














A warm wave in the cold dark sea
With undercurrents of bold heat
And you have transformed my storm
Into a vibrant hued rainbow

A promise of sunshine and warmth
Of blue skies and fair weather
And you have unfurled my sails
To steer them towards the horizon

A new course  but without a shore
My vessel rises and falls with the waves
And you have roused in just two days
A daydream lasting for a whole lifetime 

Saturday, July 4, 2015

Tum

तुम्हारी याद दिल के एक कोने में अपना घर बनाए बैठी है
के मेरा दिल उस ही का घर बन के रह गया
बाकी जगह खाली ही पड़ी है

कई नये बाशिंदे दस्तक देते हुए  दिल में घर करना चाहते है
मगर ये है कि तुम्हे ही ले के बैठा है
मैं आज़ाद होना भी नही चाहती

पर फिर उस अधूरेपन क्या करूँ
जो तुम्हारे होकर भी होंने का एहसास
हर पल मेरे इसी दिल के हर कोने में भर देता है

तुम लौट नही सकते हर शख्स मुझे ये समझता है
मैं नही समझा पाती उन्हे कि  लौट के तो वो आता है
जो कहीं जा भी सका हो, तुम तो गये ही नही